प्रेमधुन लगी है तेरी !मुझको जानेमन ओ मेरी !आजा करले कुछ तो बाते प्यार की ! १.फिर कभी न आयेंगे ये दिनकभी न आयेंगी ये राते फिरकभी हां इंतजार की ! प्रेमधुन लगी है तेरी !मुझको जानेमन ओ मेरी !आजा करले कुछ तो बाते प्यार की ! २.फिर कभी न आएगा ये मौसम ए बहारContinue reading “प्रेम धुन”